Health Minister

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स्वास्थ्य मंत्री डॉo हर्ष वर्धन को बधाई

    .  हमारी सँस्था” इण्डियन कॉउंसिल ऑफ मेडिको टेक्नीकल्स एण्ड हेल्थ केयर ” द्वारा  केंद्रीय स्वास्थ्य  मंत्री डॉo हर्ष वर्धन को बधाई देने का प्रस्ताव पास हुआ /- क्योकि

  १)  यह कि माननीय  हाई कोर्ट की अवमानना संख्या 820 आफ 2004  के निर्देश के सम्मान व समयबद्ध अनुपालन के सम्बन्ध मे संस्था द्वारा माननीय प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, उत्तर प्रदेश, लखनऊ। – को संस्था का प्रतिवेदन  पत्र दो प्रतियो मे हमारे हाई कोर्ट के लीगल एडवाईज़र से प्रमाणित करा कर दिनाक 22 /04 /2004  को भेजा जा चुका  है तथा उसकी एक – एक प्रति CMO कार्यालय को भेजी गयी थी। तथा एक प्रति स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार को भेजी गयी थी।

२ ) यह कि हमारी संस्था द्वारा वर्ष 2004 मे महासचिव राज्य सभा सचिवालय सँसद भवन नई दिल्ली को संस्था द्वारा भेजे गये एक विधेयक को पारित करवाने हेतु (Vide No EE709117275 IN. Date-09/12/2004) एक प्रोजेक्ट भेजा गया था जिसमे अनक्वालीफIइड डॉक्टर्स के लिए C.M.S. डिप्लोमा पाठ्यक्रम चलाने का प्रविधान था।

  ) यह कि संस्था ने अपने  पत्रांक स.NYP /260/2005 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री युत रामदासा जी को एक डॉफ्ट बिल 2005 बनाकर भेजा था।  जिसमे अल्टरनेटिव /इलेक्ट्रोहोम्योपैथी  को मान्यता एव अनक्वालीफIइडचिकित्स्को को प्रशिक्षण देने की मांग की गई थी। (Vide No P. O.S /N.0006/23/12/ 2005).

(4) यह कि संस्था द्वारा एफ सी आर एक्ट १९७६ के सेक्शन ६ (A) के अंतर्गत केंद्रीय गृह मंत्रालय को वैकल्पिक चिकित्सा यथा नेचुरोपैथी योगा तथा प्राथमिक चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व विद्यालय खोलने हेतु एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रेषित की गयी है जिसमे नेचुरोपैथी योगा और अनक्वालिफाइड  डॉक्टर को सी एम एस डिप्लोमा पाठ्यक्रम करने की संस्तुति की गयी है ।देखे  GOVT LETTER NO (02/21022/94(0759-01)2006 FCRA II ,GOVT OF INDIA/ BHARAT SARKAAR, MINISTRY OF HOME AFFAIRS/ GRAH MANTRALAYA DATED 09/05/2007)

 (5) यह कि एकादश राष्टीय स्वास्थ्य चिकित्सा सम्मलेन में पास प्रस्ताव की प्रति माँननीय स्वास्थ्य मंत्री सचिवालय भारत सरकार नई दिल्ली दिनाँक 15 जून 2011 में भेजी गयी थी जिसमे नेचुरोपैथी का सरकारी बोर्ड बनाने और अनुभवी चिकित्सको को प्राथमिक चिकित्सा के लिए सरकारी प्रशिक्षण देने की मांग की  थी (Vide No.RE194460968 Date 23/06/2011) तथा

 

(6)  यह कि वर्ष 2010 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को अनक्वालीफIइड  चिकित्सको को प्रशिक्षित करने तथा ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा सुधार  हेतु (Vide No SPEU563552573 IN.  Date 11/03/2010) एक प्रोजेक्ट (निवेदन प्रस्ताव) भेजा गया था ।

(7 ) यह कि माननीय  सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायधीश श्री शिवराज वी0 पाटिल  की खंडपीठ द्वारा दिए गए निर्णय (subhash Bakshi versus Bengal medical council (2003 ) civil appeal no 152 of 1994 decided Feb. 2014को आधार बनाते हुए   माननीय हाई कोर्ट बंगलौर कर्नाटक ने इसे पुनर्जीवित कर सी एम एस डिप्लोमा धारी चिकित्सकों को प्राथमिक चिकित्सा सेवा के लिए अधिकृत कर दिया है। देखें रूलिंग-Ill As Versus District Health Officer & Other W/P No – 37801 -37804/2014 (6m-Res) High Court Bangalore –Karnataka

 

उपरोक्त तथ्यों को तथा वर्तमान में देश जन स्वास्थ्य से सम्बंधित परिस्थितियो व देश मे डॉक्टरों की कमी को संज्ञान में लेते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री माननीय श्री डॉo हर्ष वर्धन ने इस विषय में सकरात्मक कदम उठाने हेतु पहल की है।

इसलिए हमारा संगठन, हमारी संस्था  इन्हे धन्यवाद देता / देती है।

अब इस सम्बन्ध में नये सिरे से एक नया प्रोजेक्ट बनवाकर दिंनाक 30-SEP-2014 को भेज दिया गया है  । तथा इसकी एक- एक  प्रति माननीय प्रधानमंत्री ,स्वास्थ्य मंत्री और योजना आयोग को भेज दी गयी है ।

 

 डायरेक्टर

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